जलती धुप से चमक रही थी हरी पतियाँ,
जलकर, खुशबू फेलाती है अगर्बतियाँ.
आसानी से मिल जाये, ऐसे होते नहीं हर किसी के आरमान,
घिर कर, उठ के आगे भादने वाले का होता है आपना अभिमान.
आपने आप में जलकर, मूम्भाती देती है सबको उजाला,
चिंता मत करो, कहीं छुपा होगा कोई तुम्हे आपना मानने वाला.
जाओ, छु लो आसमान और बनाओ आपनी एक पहचान,
जलकर, खुशबू फेलाती है अगर्बतियाँ.
आसानी से मिल जाये, ऐसे होते नहीं हर किसी के आरमान,
घिर कर, उठ के आगे भादने वाले का होता है आपना अभिमान.
आपने आप में जलकर, मूम्भाती देती है सबको उजाला,
चिंता मत करो, कहीं छुपा होगा कोई तुम्हे आपना मानने वाला.
जाओ, छु लो आसमान और बनाओ आपनी एक पहचान,
जियो आपनी ज़िन्दगी और मत बने रहो इस जीवन से अनजान.
-GSA
-GSA
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